सोमवार, 13 मई 2019

तेजप्रताप के गुस्से की वजह

लोकसभा चुनाव समाप्त होने के कगार पर है। इस दौरान बिहार की राजनीति में एक युवा नेता ने खूब सुर्खियां बटोरी। कभी विवादित बयान तो कभी विद्रोही तेवरों को लेकर लोगों की जुबा पर रहे। जी हाँ, आपने ठीक समझा। मैं बात कर रहा हूँ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की। यूं तो लालू परिवार में विवादों का बीजारोपण उसी वक्त हो गया था जब 2015 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बन रही थी। उस वक्त लालू ने बड़े बेटे तेजप्रताप की जगह छोटे बेटे तेजस्वी को उपमुख्यमंत्री पद सौंपा और तेजप्रताप को मंत्री पद। यही से गैर बराबरी और पारिवारिक विवाद शुरू हुआ। लोकसभा चुनाव के दौरान यह विवाद चरम पर पहुँच गया।
इसके कई कारणों में से एक ऐश्वर्या से विवाह और फिर तेजप्रताप द्वारा तलाक की अर्जी। लालू परिवार इस संबंध को बनाये रखना चाहता है। इसलिए परिवार के किसी भी सदस्य ने तेजप्रताप के इस निर्णय का समर्थन नहीं किया।
पार्टी में तेजप्रताप की जगह तेजस्वी को ज्यादा महत्व दिया जाना।
सारण की सीट से ससुर चंद्रिका राय को टिकट दिया जाना।
जहानाबाद से चंद्रशेखर की जगह सुरेंद्र को टिकट ।

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