@अभिषेक राव @ ना जाने ये मच्छड क्यूँ, मच्छडदानी में चले आते है। दिन को गायब, रात में नजर आते है। माँ-बाप कहते, बेटा तू खून मेरा है,। फिर ये मच्छड ना जाने, क्यूँ हक जमाते है ।
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