अभिषेक राव
रट लगवाते नेता जी
जय-कारा लगाते चमचा जी,
बिहार मेरा बदल रहा।।
साहित्यकार-पत्रकार मर रहे
कलाकार अपमानित हो रहे
खिलाड़ी सड़कों पर पसीना बहा रहे
क्योंकि अब मेरा बिहार बदल रहा ।।
ठेकेदार लूट मचा रहे
अपराधी दरबार लगा रहे
नेता हुक्म चला रहे
पुलिस-प्रशासन मौज उड़ा रहे
क्योंकि, अब बिहार मेरा बदल रहा ।।
विद्यालय अब भोजनालय में बदल रहे
गुरु जी खाना पकवा रहे
बच्चे खाने को आ रहे
टाॅपर फेल हो रहे
क्योंकि अब मेरा बिहार बदल रहा ।।
मुखिया जी मनरेगा में छेदा लगा रहे
घर वालों को भी इंदरा आवास दिलवा रहे
विधायक जी कागजो पर ही शौचालय बनवा रहे
फाइलो में ही चापाकल गड़ रहे
क्योंकि अब मेरा बिहार बदल रहा ।।
सरकारी बाबू मस्ती मना रहे
सुशासन बाबू गठबंधन धर्म निभा रहे
मंत्री-विधायक रौब जमा रहे
क्योंकि अब मेरा बिहार बदल रहा ।। अभिषेक राव
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