रंग और सूरज का हुआ मिलन,आशाओ से खिल गया चमन।। भाग्य विधाता ने स्वीकारा, हम दोनों का ये मिलन।।हजारे जख्म थे दफन सिने में, अब वो स्वतः भर गये ।।सफर जो अब तक था अधूरा, अब वो पूरा हो गये । रंग और सूरज ......, सफर में हम अकेले निकले, हम सफर अब मिल गये ।प्यास जो अब तक थी अधूरी, प्यास भी वो अब बुझा गये ।। रंग और सूरज ....., गम और उदासी का था वो मंजूर,अब के रंग से कम थे।तनहाई के दिन लद गये, अब तो रंग से भर गया जीवन ।। रंग और सूरज ....., मांग जो तेरी अब तक सुनी, भर दिया मैं खुशियों से।हाथों में मेहँदी रचाने का ,बालों में गजरा सजाने का ,निमित्त बना मैं तेरे जीवन का।रंग और सूरज ....., वादा जो किया है तुमसे वादा तो निभाना है। पल-पल का नहीं, हर पल का साथ निभाना है । रंग और सूरज .....,जीवन रूपी समंदर में, नित्य नौके की भाती लहरों से टकराना है।फिर भी धैर्य और विश्वास के मंत्र से एक दूजे का साथ निभाना है । रंग और सूरज ......., रुठना-मनाना लगा रहेगा ,दाम्पत्य जीवन का यही तो आनंद है।विश्वास और समर्पण हो ना कम, ध्यान इस पर रखना है।रंग और सूरज का हुआ मिलन, आशाओ से खिल गया चमन।। by- Abhishek Rao, dedicated to - Suraj bhaya and Rang bhavi
मंगलवार, 17 मई 2016
रविवार, 15 मई 2016
एक चहकती चुलबुली
उन्मूक्त विचारों की वो बुलबुल, सबसे प्यारी सबसे न्यारी।। ना इठलाती ना इतराती, ना तो करती किसी की बुराई, हरदम सोचे सबकी भलाई ।। सारे जहाँ को गले लगाती, दुश्मन को भी दोस्ती सिखलाती।। झील समान है उसके नयना, बया करती उसके मन की गहराई ।। मुस्कान है उसकी सबसे प्यारी, जो मिटा दे गमो को सारी ।। समय का रखती पुरा ध्यान, अनुशासन प्रिय उसकी पहचान ।। बुद्धि, विचार, किर्ती गान की स्मृति, चंचल, चुलबुली इरादों की स्मृति ।।
वो परी
कविता - "वो चंचल, मधुरभाषी ना जाने आज क्यूँ उदास बैठी थी। ना जाने क्यूँ डलहन सी उसकी आॅखे भीगी -भीगी थी।खिलता हुआ चेहरा ना जाने क्यूँ गंभीर थी। घनघोर सन्नाटे को चिरने वाली उसकी चहकती हुईं जुबान क्यूँ खामोश थी।औरों के ऑशू को पोछने वाली, आज ना जाने क्यूँ खुद ऑशू बहा रही थी।हर वक्त चेहरे को निहारने वाली, ना जाने क्यूँ खुद से खिन्न थी। ना जाने आज वो किस बात को लेकर व्यथित थी।"
हिमाचल का मौसम
मेरी कविता - " हिमाचल की खूबसूरत वादिया, मौसम का क्या केहना।वो अगस्त का आना, रिमझिम बरसात को लाना। वो झूमता मधमस्त जंगल, टिहटियाता हुआ झिंगुर, वो आशमान को ढके बादल। मौसम का क्या ......। वो कालका से शिमला तक की छोटी सी दूरी, लम्बी यात्रा। वो पहाड़ों और जंगलों के सन्नाटे के बीच से गुजरात हुआ छोटी ट्रेन । हिमाचल का क्या ......। दिसम्बर का महीना, मौसम का क्या केहना। वो कूल्लू- मनाली की सर्दीया ,वो शिमला की मस्ती भरी हिमपात की चाॅदनी राते ।हिमाचल के मौसम का क्या केहना। कवि - अभिषेक राव ।
सोमवार, 2 मई 2016
विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2016, भारत को 118 वाॅ स्थान
UNO द्वारा जारी चौथा विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2016 में इस बार 157 देशों को शामिल किया गया है ।इस रिपोर्ट के अनुसार दुनिया का सबसे खुशहाल देशों में शीर्ष स्थान पर डेनमार्क को रखा गया है ।भारत का स्थान 118 है, जो पिछले वर्ष की तुलना में खराब है ।पिछले वर्ष भारत का स्थान 117 वाॅ था ।वही भारत के सारे पड़ोसी देशों की स्थिति बेहतर बताई गई है भारत के तुलना में ।भूटान -84 वाॅ, चीन - 83 वाॅ, पाकिस्तान -92 वाॅ, नेपाल -107 वाॅ, और बंगलादेश को 110 वाॅ स्थान पर रखा गया है । साथ ही साथ रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत दुनिया के उन शिर्ष 10 देशों में शामिल है जहाँ खुशी के पैमाने में सबसे अधिक गिरावट आइ है।विकसित देशों में अमेरिका -13 वाॅ, ब्रिटेन -23 वाॅ, और जापान को 53 वे स्थान पर दर्शाया गया है । इसके सर्वे हेतु 6 स्तर पर डाटा जुटाई जाती है । वास्तविक जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय,जन्म के समय स्वस्थ जीवन, मनचाहा जीवन जीने की स्वतंत्रता, संकट के समय भरोसे मंद साथी या संस्थान से मदद की उम्मीद ।
रविवार, 13 दिसंबर 2015
भारतीय मीडिया में महिला पत्रकारों की भागीदारी
भारत में यूँ तो महिलाओं के समुचित विकास, जनभागीदारी,उचित प्रतिनिधित्व, सुरक्षा, आरक्षण जैसे मुद्दों पर हमें लगातार बहस सुनने को मिले जाते है, लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है की इस बहस को लेकर जो लगातार आवाज उठाने का काम हमारे देश की मीडिया करती है, वहीं पर महिला के प्रति सबसे ज्यादा उदासीनता देखने को मिलती है ।वर्ष 2015 में भारतीय पत्रकारिता में महिला पत्रकारों की भागीदारी को लेकर "मीडिया स्टडीज ग्रुप" के अनुसार अगर बात किया जाए तो राष्ट्रीय स्तर पर महिला पत्रकारों की भागीदारी 17% बताया गया हैं ।अंग्रेजी माध्यम के समाचार पत्रों तथा चैनलों में महिला पत्रकारों की उपस्थिति कुछ हद तक संतोष प्रद बताया गया हैं वही हिंदी तथा क्षेत्रीय भाषा के समाचार पत्रों तथा चैनलों में इनकी उपस्थिति नगण्य के बराबर है।राज्यों के संदर्भ में अगर बात किया जाए तो 6 राज्यों तथा 2 केंद्र शासित प्रदेश (असम,झारखंड, नागालैंड,अरुणाचल प्रदेश, उड़ीसा, पांडीचेरी,तथा दमन एवं दीव) ऐसे हैं जहाँ जिला स्तर पर महिला पत्रकारों की भागीदारी शून्य है । राज्यों के संदर्भ में आन्ध्र प्रदेश की स्थिति सबसे बेहतर माना गया हैं, वही बिहार में महिला पत्रकारों की भागीदारी 9.38% है। मीडिया हाउस की अगर बात की जाए तो प्रसार भारती की All India Radio में महिला पत्रकारों की स्थिति सबसे बेहतर माना गया हैं । आज के मौजूदा समय के अनुसार ये अनुपात काफी चिंता और विचारणीय है ,क्योंकि हमें दूसरों को तभी सलाह देना चाहिए जब हम खुद उसका पालन करते हो।
बुधवार, 11 नवंबर 2015
बिहार विधान सभा में दागी विधायकों का दलगत प्रतिशत # 11 November 2015
243 सदस्यों वाली बिहार विधान सभा में 58%यानी की 142 विधायक दागी है और इससे कोई भी राजनीतिक दल अछूता नहीं है। दलगत दागी विधायकों का प्रतिशत इस प्रकार है। प्रथम: लोजपा और भाकपा माले -100%, दूसरा: भाजपा - 64.15%,तीसरा: कांग्रेस-59.26%,चौथा: राजद-57.5%,पाँचवाँ: जदयू-52.11%, छठा: रालोसपा-50% । हम: 0%,