मेरी कविता - " हिमाचल की खूबसूरत वादिया, मौसम का क्या केहना।वो अगस्त का आना, रिमझिम बरसात को लाना। वो झूमता मधमस्त जंगल, टिहटियाता हुआ झिंगुर, वो आशमान को ढके बादल। मौसम का क्या ......। वो कालका से शिमला तक की छोटी सी दूरी, लम्बी यात्रा। वो पहाड़ों और जंगलों के सन्नाटे के बीच से गुजरात हुआ छोटी ट्रेन । हिमाचल का क्या ......। दिसम्बर का महीना, मौसम का क्या केहना। वो कूल्लू- मनाली की सर्दीया ,वो शिमला की मस्ती भरी हिमपात की चाॅदनी राते ।हिमाचल के मौसम का क्या केहना। कवि - अभिषेक राव ।
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