रंग और सूरज का हुआ मिलन,आशाओ से खिल गया चमन।। भाग्य विधाता ने स्वीकारा, हम दोनों का ये मिलन।।हजारे जख्म थे दफन सिने में, अब वो स्वतः भर गये ।।सफर जो अब तक था अधूरा, अब वो पूरा हो गये । रंग और सूरज ......, सफर में हम अकेले निकले, हम सफर अब मिल गये ।प्यास जो अब तक थी अधूरी, प्यास भी वो अब बुझा गये ।। रंग और सूरज ....., गम और उदासी का था वो मंजूर,अब के रंग से कम थे।तनहाई के दिन लद गये, अब तो रंग से भर गया जीवन ।। रंग और सूरज ....., मांग जो तेरी अब तक सुनी, भर दिया मैं खुशियों से।हाथों में मेहँदी रचाने का ,बालों में गजरा सजाने का ,निमित्त बना मैं तेरे जीवन का।रंग और सूरज ....., वादा जो किया है तुमसे वादा तो निभाना है। पल-पल का नहीं, हर पल का साथ निभाना है । रंग और सूरज .....,जीवन रूपी समंदर में, नित्य नौके की भाती लहरों से टकराना है।फिर भी धैर्य और विश्वास के मंत्र से एक दूजे का साथ निभाना है । रंग और सूरज ......., रुठना-मनाना लगा रहेगा ,दाम्पत्य जीवन का यही तो आनंद है।विश्वास और समर्पण हो ना कम, ध्यान इस पर रखना है।रंग और सूरज का हुआ मिलन, आशाओ से खिल गया चमन।। by- Abhishek Rao, dedicated to - Suraj bhaya and Rang bhavi
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